हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने सांसद निधि के फंड का सही उपयोग न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
कंगना ने बैठक में कहा, “इट बिकम ए ब्लडी जोक” (यह एक मजाक बनकर रह गया है), और आरोप लगाया कि लोग उन्हें निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने सभी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को खड़ा कर कहा:
“सांसद का काम फंड उपलब्ध कराना है, जबकि उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों और सुझावों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ।”
कंगना ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 11 करोड़ रुपये में से अभी भी आधी राशि का इस्तेमाल नहीं हुआ है और कहा, “लोग मुझे निठल्ला कहते हैं, लेकिन आप यहां केवल सैलरी उठाने आते हैं।”
बैठक में कंगना की अन्य टिप्पणियाँ
पिछली बैठक के फैसले आगे क्यों नहीं बढ़े?
कंगना ने कहा कि हर दिशा बैठक में वही बातें दोहराई जा रही हैं, लेकिन उन पर काम नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि सुझाव देने के बाद उन्हें लागू करना आवश्यक है, तभी कमियां और चुनौतियाँ सामने आएंगी। उन्होंने हर विभाग में एक समान पैटर्न होने पर भी सवाल उठाया।
मंडी की परफॉर्मेंस का मजाक बन रहा
कंगना ने कहा कि देशभर में मंडी संसदीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली को लेकर खबरें चल रही हैं कि सांसद ने 11 करोड़ रुपये दिए, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि खराब परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार कौन है।
फंड लेकर बैठे लोग, न जमीन-न परमिशन
कंगना ने आरोप लगाया कि कई लोगों ने फंड लेने के बावजूद काम शुरू नहीं किया और कुछ के पास जमीन या जरूरी परमिशन नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे लोगों पर दबाव बनाकर जनता का पैसा वापस लेने को कहा।
“क्या मैं इडियट की तरह पैसा देती जाऊं?”
कंगना ने कहा कि 11 करोड़ के फंड का बड़ा हिस्सा अब भी लंबित है और मंडी क्षेत्र में करीब 5.5 करोड़ रुपये के कार्यों का बैकलॉग बना हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि पुराने पैसे और काम लंबित रहते हुए वह नए फंड कैसे जारी करें।
फंड के इस्तेमाल पर जवाब मांगा
कंगना ने अधिकारियों से पूछा कि केंद्र से पैसा मिलने के बावजूद कई विकास कार्य आगे क्यों नहीं बढ़ रहे। उन्होंने कहा कि जमीन की समस्या या मंजूरी और NOC के कारण फंड अटका हुआ है और ऐसी सभी समस्याओं की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
हर काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
कंगना ने कहा कि हर काम की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए समयबद्ध योजना तैयार की जाए।